वासक राजा : दशामाता पर्व की कहानी
वासक राजा : प्यारी बाई के कहानी संग्रह से ली गयी दशामाता पर्व की कहानी एक समय की बात है एक ब्राह्मण- ब्राह्मणी होते है। उनके कोई सन्तान नहीं होती है। ब्राह्मणी होली के बाद से दस दिनों तक दशामाता की कहानियाँ सुनती थी और दसवें दिन दशामाता की पूजा करती थी। दशामाता की कृपा