शरद पूर्णिमा का इतना विशेष महत्व क्यों है?
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरत्पूर्णिमा कहते है। यह उत्सव रात्रि में किया जाता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि को ही कृष्ण भगवान् ने महारास किया था। रासोत्सव का यह दिन वास्तव में भगवान् कृष्ण ने जगत के कल्याणार्थ ही निश्चित करा है। चन्द्रमा की चांदनी शरद ऋतु में जैसी आनन्दायक और लाभदायक होती