Category Archives: स्तुति संग्रह

गणेश मंत्र “वक्रतुंड महाकाय…” – हिंदी अर्थ सहित

गणेश मंत्र – हिंदी अर्थ सहित वक्रतुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ: ।निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपद: ।शत्रुबुध्दिविनाशाय दीपजोतिर्नामोस्तुते ॥ मंत्र का हिंदी में अर्थ: वक्रतुंड महाकाय : हे हाथी के जैसे विशालकाय सूर्य कोटि समप्रभ: : जिनका तेज सूर्य की सहस्त्र किरणों के समान हैं निर्विघ्नं कुरु मे

Read More

विष्णु मंत्र – हिंदी अर्थ सहित

विष्णु मंत्र – हिंदी अर्थ सहित शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं । विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् ।। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं । वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ।। मंत्र का हिंदी में अर्थ: शान्ताकारं : जिनकी आकृति अतिशय शांत है, वह जो धीर क्षीर गंभीर है भुजंगशयनं : जो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए है (विराजमान

Read More

महालक्ष्मी मंत्र – हिंदी अर्थ सहित

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम् , नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि । हरिप्रिये नमस्तुभ्यम् , नमस्तुभ्यम् दयानिधे ।। पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ।। मंत्र का हिंदी में अर्थ: महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम् – महालक्ष्मी देवी को नमस्कार है नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि – जो देवताओं की भी ईश्वरी है (देवता भी जिनकी स्तुति करते है )

Read More