श्री राम भगवान की आरती
आरती कीजै श्री रघुवर की। सत् चित्त आनंद शिव सुन्दर की।। दशरथनंदन कौशल्यानंदन। सुर मुनि रक्षक, दैत्य निकंदन।। आरती कीजै… अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन। मर्यादा पुरुषोत्तम वर की।। आरती कीजै… निर्गुण सगुन अनूप रूप निधि। सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि।। आरती कीजै… हरण शोक – भय दायक नव निधि। माया रहित दिव्या नर वर